विशेष विवाह अधिनियम (Special Marriage Act 1954) के तहत किसी भी धर्म या जाति के बालिग स्त्री-पुरुष बिना किसी धार्मिक रीति-रिवाज के कानूनी विवाह कर सकते हैं।
📌 मुख्य बिंदु व विशेषताएं (Key Highlights)
- विवाह हेतु लड़के की न्यूनतम आयु 21 वर्ष और लड़की की न्यूनतम आयु 18 वर्ष होना अनिवार्य।
- मैरिज ऑफिसर के कार्यालय में विवाह की सूचना (Notice of Intended Marriage) दाखिल करना।
- कार्यालय के नोटिस बोर्ड पर 30 दिन का सार्वजनिक नोटिस प्रकाशित किया जाता है।
- 30 दिन में कोई वैध आपत्ति न आने पर 3 गवाहों की मौजूदगी में विवाह संपन्न होता है और कानूनी प्रमाण पत्र मिलता है।
1. कोर्ट मैरिज के लिए आवश्यक दस्तावेज
- वर और वधू दोनों का आयु प्रमाण (10वीं की मार्कशीट, जन्म प्रमाण पत्र या पासपोर्ट)
- निवास प्रमाण पत्र (आधार कार्ड, वोटर आईडी या रेंट एग्रीमेंट)
- पासपोर्ट साइज 4-4 रंगीन फोटोग्राफ
- 3 वयस्क गवाहों के पहचान पत्र और पते के दस्तावेज
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❓ अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
Q: क्या कोर्ट मैरिज की सूचना माता-पिता के घर भेजी जाती है?
A: कई उच्च न्यायालयों (जैसे इलाहाबाद और दिल्ली हाईकोर्ट) ने फैसला दिया है कि नोटिस घर भेजना अनिवार्य नहीं है, यह केवल नोटिस बोर्ड पर लगाया जाता है।
Q: क्या कोर्ट मैरिज के बाद पुलिस सुरक्षा मिल सकती है?
A: हां, यदि परिवारों से जान-माल का खतरा हो, तो युगल उच्च न्यायालय (High Court) में याचिका लगाकर तत्काल पुलिस सुरक्षा (Protection Order) ले सकता है।