LIVE
ShayariManch ShayariManch.com
Family & Marriage 5 min read • Oct 07, 2026 • 2,501 Views

स्त्रीधन (Stridhan) और ससुराल की संपत्ति में बहू का अधिकार: सुप्रीम कोर्ट की नई कानूनी गाइडलाइन

शादी में मिले गहनों और उपहारों पर किसका मालिकाना हक होता है? स्त्रीधन की कानूनी सुरक्षा, ससुराल की संपत्ति में बहू के अधिकार और तलाक पर वापसी के नियम।

L
Legal & Public Rights Desk
ShayariManch Literature Contributor
Share:
स्त्रीधन (Stridhan) और ससुराल की संपत्ति में बहू का अधिकार: सुप्रीम कोर्ट की नई कानूनी गाइडलाइन

शादी के समय और उसके बाद महिला को मायके या ससुराल से मिले सभी उपहार, गहने और नकदी कानूनन 'स्त्रीधन' कहलाते हैं। इस पर केवल और केवल महिला का 100% अधिकार होता है।

📌 मुख्य बिंदु व विशेषताएं (Key Highlights)

  • स्त्रीधन पर पति या सास-ससुर का कोई कानूनी अधिकार नहीं होता, वे केवल इसके अमानतदार (Trustee) होते हैं।
  • स्त्रीधन वापस मांगने पर न लौटाना BNS धारा 316 (आपराधिक न्यासभंग / Breach of Trust) का अपराध है।
  • ससुर की स्वअर्जित संपत्ति में बहू का सीधे कोई मालिकाना हक नहीं होता, लेकिन उसे साझा घर में रहने का अधिकार है।
  • पति की मृत्यु होने पर ससुर की पैतृक संपत्ति में विधवा बहू और उसके बच्चों का पूरा हिस्सा बनता है।

1. स्त्रीधन के दायरे में क्या-क्या आता है?

  • शादी से पहले, शादी के समय या विदाई पर मिले सभी सोने-चांदी के आभूषण
  • महिला के नाम पर खरीदी गई एफडी, बैंक खाता, कपड़े और वाहन
  • बच्चे के जन्म पर मायके और रिश्तेदारों से मिले नकदी और उपहार
  • महिला द्वारा स्वयं की नौकरी या व्यवसाय से कमाई गई निजी संपत्ति
⚖️ कानूनी परामर्श व विशेषज्ञ सहायता (Legal Assistance)
राजस्थान हाई कोर्ट एवं रेवेन्यू कोर्ट विशेषज्ञ

किसी भी कानूनी, दस्तावेजी या जमीनी समस्या के लिए विशेषज्ञ विधिक राय लें

जमीन विवाद, नामांतरण (दाखिल-खारिज), अवैध कब्जा, पुलिस शिकायत, एफआईआर, चेक बाउंस, बैंक खाता फ्रीज या कोर्ट केस में एडवोकेट संजय यादव से सही कानूनी मार्गदर्शन और सटीक समाधान प्राप्त करें।

❓ अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

Q: ससुराल वाले यदि गहने न लौटाएं तो क्या करें?

A: महिला घरेलू हिंसा अधिनियम की धारा 19(8) या बीएनएस धारा 316 के तहत अदालत में अर्जी लगाकर पुलिस की मदद से अपना पूरा स्त्रीधन वापस ले सकती है।

Q: क्या घरेलू हिंसा कानून के तहत साझा घर में रहने का हक मिलता है?

A: हां, सुप्रीम कोर्ट के 'सतीश चंदर आहूजा' फैसले के अनुसार बहू को ससुराल के साझा घर (Shared Household) से जबरन नहीं निकाला जा सकता।

Family & Marriage

कोर्ट मैरिज (Court Marriage) प्रक्रिया और फीस: स्पेशल मैरिज एक्ट 1954 के नियम, 30 दिन का नोटिस व सर्टिफिकेट

कोर्ट मैरिज कैसे करें? लड़के-लड़की की उम्र सीमा, जरूरी दस्तावेज, 30 दिन का कानूनी नोटिस, 3 गवाहों की अनिवार्यता और मैरिज सर्टिफिकेट की वैधता।

Family & Marriage

पारिवारिक विवाद और भरण-पोषण: धारा 144 BNSS (पुरानी 125 CrPC) के तहत पत्नी, बच्चे और बुजुर्गों का अधिकार

गुजारा भत्ता के नए कानूनी नियम: बीएनएसएस धारा 144, अंतरिम मेंटेनेंस (Interim Maintenance), आय का शपथ पत्र और वृद्ध माता-पिता के भरण-पोषण के अधिकार।

Family & Marriage

आपसी सहमति से तलाक (Mutual Consent Divorce): 6 महीने की कूलिंग-ऑफ छूट, खर्चा व त्वरित डिक्री

पति-पत्नी यदि दोनों अलग होना चाहें तो सबसे तेज और सम्मानजनक तरीका: हिंदू विवाह अधिनियम धारा 13B, प्रथम व द्वितीय मोशन और भरण-पोषण का अंतिम समझौता।

Family & Marriage

एकतरफा तलाक (Contested Divorce): क्रूरता, परित्याग व व्यभिचार के आधार पर तलाक लेने की कोर्ट प्रक्रिया

यदि जीवनसाथी तलाक देने से मना करे तो एकतरफा तलाक कैसे लें? धारा 13(1) हिंदू मैरिज एक्ट के वैध आधार, सबूत जुटाना और फैमिली कोर्ट में मुकदमे की पैरवी।

Family & Marriage

बच्चों की कस्टडी (Child Custody): मां बनाम पिता के अधिकार और 'बच्चे का कल्याण' (Welfare of Child)

तलाक या विवाद के समय बच्चे की कस्टडी किसे मिलती है? 5 साल से कम उम्र के बच्चे का नियम, पिता के गार्जियनशिप अधिकार और विजिटेशन राइट्स (मुलाकात का हक)।

Family & Marriage

घरेलू हिंसा अधिनियम 2005 (Domestic Violence Act): साझा घर में रहने का हक, संरक्षण आदेश व हर्जाना

पति या ससुराल वालों द्वारा शारीरिक, मानसिक या आर्थिक प्रताड़ना पर महिला के अधिकार: धारा 12 DV Act की अर्जी, सुरक्षा अधिकारी (PO) और अंतरिम भरण-पोषण।

कॉपी हो गया!