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Police & Criminal Law 5 min read • Oct 07, 2026 • 2,501 Views

शराब पीकर गाड़ी चलाने (Drunk and Drive) पर चालान व कोर्ट प्रक्रिया: ब्रीथ एनालाइजर टेस्ट के नियम

ड्रंक एंड ड्राइव में पकड़े जाने पर गाड़ी कैसे छुड़ाएं? मोटर व्हीकल एक्ट धारा 185, ब्लड एल्कोहल लिमिट (BAC 30mg), कोर्ट पेशी और लाइसेंस सस्पेंशन के नियम।

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Legal & Public Rights Desk
ShayariManch Literature Contributor
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शराब पीकर गाड़ी चलाने (Drunk and Drive) पर चालान व कोर्ट प्रक्रिया: ब्रीथ एनालाइजर टेस्ट के नियम

शराब के नशे में गाड़ी चलाना एक गंभीर अपराध है। इसमें मौके पर ऑनलाइन चालान नहीं भर सकते; गाड़ी जब्त होती है और अनिवार्य रूप से अदालत के समक्ष पेश होना पड़ता है।

📌 मुख्य बिंदु व विशेषताएं (Key Highlights)

  • मोटर वाहन अधिनियम धारा 185 के तहत प्रति 100 मिलीलीटर रक्त में 30 मिलीग्राम (30mg/100ml) से अधिक अल्कोहल पाए जाने पर अपराध।
  • पहली बार पकड़े जाने पर ₹10,000 का जुर्माना और/या 6 महीने तक की जेल की सजा।
  • दूसरी बार पकड़े जाने पर ₹15,000 का जुर्माना और/या 2 साल तक की जेल।
  • चालक का ड्राइविंग लाइसेंस कम से कम 3 महीने के लिए अनिवार्य रूप से निलंबित (Suspended) कर दिया जाता है।

1. ड्रंक एंड ड्राइव मामले में अदालती प्रक्रिया

  • पुलिस ब्रीथ एनालाइजर (Breath Analyzer) टेस्ट की प्रिंटेड पर्ची चालान के साथ संलग्न करती है
  • गाड़ी को थाने में सीज कर दिया जाता है और किसी अन्य सामान्य (Sober) व्यक्ति को हैंडओवर किया जा सकता है
  • तय तारीख पर मजिस्ट्रेट कोर्ट में पेश होकर वकील के माध्यम से जुर्माना भरना होता है
  • कोर्ट से रिलीज आर्डर (Superdari / Release Order) लेकर थाने से गाड़ी छुड़ाई जाती है
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❓ अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

Q: क्या पुलिस जबरन खून का टेस्ट (Blood Test) करा सकती है?

A: हां, यदि चालक ब्रीथ एनालाइजर टेस्ट देने से मना करे, तो पुलिस उसे निकटतम सरकारी अस्पताल ले जाकर डॉक्टर से ब्लड टेस्ट करा सकती है।

Q: क्या ड्रंक एंड ड्राइव में बीमा क्लेम मिलता है?

A: नहीं! यदि दुर्घटना के समय चालक शराब के नशे में था, तो बीमा कंपनी वाहन क्षति (Own Damage) का क्लेम पूरी तरह खारिज कर देती है।

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