डिजिटल इंडिया के तहत राज्यों के पुलिस विभागों ने नागरिकों के लिए ऑनलाइन शिकायत और ई-एफआईआर की व्यवस्था की है। इससे समय की बचत होती है और रसीद तुरंत मिलती है।
📌 मुख्य बिंदु व विशेषताएं (Key Highlights)
- चोरी (Theft) और गुमशुदगी (Lost Report) में अज्ञात आरोपियों के खिलाफ घर बैठे ई-एफआईआर दर्ज होती है।
- राज्य पुलिस के सिटिजन पोर्टल या आधिकारिक मोबाइल ऐप (जैसे UPCOP, RajCop) पर लॉगिन करें।
- आवेदन सबमिट होते ही डिजिटल रूप से हस्ताक्षरित एफआईआर कॉपी पीडीएफ में तुरंत डाउनलोड होती है।
- बीमा क्लेम या नया सिम कार्ड लेने के लिए यह ऑनलाइन रिपोर्ट पूरी तरह कानूनी मान्य है।
1. प्रमुख राज्यों के पुलिस सिटीजन पोर्टल्स
| राज्य | मोबाइल ऐप / पोर्टल | उपलब्ध मुख्य सेवाएं |
|---|---|---|
| उत्तर प्रदेश | UPCOP App / uppolice.gov.in | e-FIR, चरित्र प्रमाण पत्र, घरेलू नौकर सत्यापन |
| राजस्थान | RajCop Citizen App / police.rajasthan.gov.in | ऑनलाइन शिकायत, लापता व्यक्ति रिपोर्ट, सत्यापन |
| दिल्ली | Delhi Police Portal / delhipolice.gov.in | MVT (वाहन चोरी) e-FIR, गुमशुदगी रिपोर्ट, वरिष्ठ नागरिक पंजीकरण |
| मध्य प्रदेश | MP e-Cop / mppolice.gov.in | चोरी ई-एफआईआर, खोई वस्तु की सूचना, आपातकालीन एसओएस |
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❓ अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
Q: क्या गंभीर अपराधों में भी ऑनलाइन एफआईआर हो सकती है?
A: शारीरिक हिंसा, हत्या या गंभीर संज्ञेय अपराधों में प्राथमिक जांच और मेडिकल के लिए थाने में उपस्थित होना आवश्यक होता है।
Q: ऑनलाइन शिकायत पर पुलिस कितने दिन में कार्रवाई करती है?
A: ऑनलाइन शिकायतों की समीक्षा सीधे वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा की जाती है और 24 से 48 घंटे में संबंधित थाने का जांच अधिकारी (IO) संपर्क करता है।