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Police & Criminal Law 5 min read • Oct 07, 2026 • 2,501 Views

हाईकोर्ट में FIR क्वैशिंग (धारा 528 BNSS / 482 CrPC): झूठे मुकदमों को जड़ से खत्म कराने की प्रक्रिया

झूठी एफआईआर से मुक्ति पाने का सबसे बड़ा कानूनी हथियार: हाईकोर्ट की अंतर्निहित शक्तियां (Inherent Powers), भजन लाल जजमेंट और चार्जशीट निरस्त कराने के नियम।

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Legal & Public Rights Desk
ShayariManch Literature Contributor
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हाईकोर्ट में FIR क्वैशिंग (धारा 528 BNSS / 482 CrPC): झूठे मुकदमों को जड़ से खत्म कराने की प्रक्रिया

जब कोई व्यक्ति दुर्भावना, रंजिश या ब्लैकमेल करने के लिए झूठी आपराधिक एफआईआर दर्ज करा देता है, तो संविधान और BNSS धारा 528 हाईकोर्ट को उस एफआईआर को तुरंत निरस्त (Quash) करने की शक्ति देती है।

📌 मुख्य बिंदु व विशेषताएं (Key Highlights)

  • धारा 528 BNSS (पुरानी 482 CrPC) के तहत सीधे हाईकोर्ट में क्रिमिनल मिसलेनियस पिटीशन (Quashing Petition)।
  • यदि एफआईआर में लगाए गए आरोपों से कोई अपराध बनता ही न दिखे, तो कोर्ट एफआईआर को तुरंत रद्द कर देती है।
  • सिविल विवाद (जैसे पैसे का लेनदेन या जमीन विवाद) को आपराधिक रंग देने पर एफआईआर क्वैश हो जाती है।
  • पिटीशन दाखिल होते ही हाईकोर्ट पुलिस जांच या निचली अदालत की कार्रवाई पर अंतरिम स्टे (Stay) लगा सकती है।

1. एफआईआर क्वैशिंग के 5 प्रमुख कानूनी आधार (भजन लाल गाइडलाइंस)

1. अपराध का अभाव

एफआईआर के सभी तथ्यों को सच मान लेने पर भी कानून की नजर में कोई संज्ञेय अपराध न बनता हो।

2. कानूनी रुकावट

बिना पूर्व सरकारी मंजूरी (Section 218 BNSS) या वैधानिक प्रक्रिया का पालन किए दर्ज किया गया मुकदमा।

3. सिविल विवाद का अपराधीकरण

विवाद केवल अनुबंध या पैसे वसूली का हो, लेकिन दबाव बनाने के लिए धोखाधड़ी का केस किया गया हो।

4. आपसी राजीनामा

पारिवारिक या व्यक्तिगत विवादों में दोनों पक्षों में राजीनामा हो जाने पर एफआईआर क्वैश हो जाती है।

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❓ अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

Q: क्या चार्जशीट पेश होने के बाद भी केस क्वैश हो सकता है?

A: हां, चार्जशीट और मजिस्ट्रेट द्वारा लिए गए संज्ञान (Cognizance Order) को भी धारा 528 BNSS के तहत हाईकोर्ट में निरस्त कराया जा सकता है।

Q: क्वॉशिंग याचिका में कितना समय लगता है?

A: पहली सुनवाई पर नोटिस और स्टे जारी हो जाता है, और अंतिम सुनवाई आमतौर पर 2 से 6 महीने में पूरी हो जाती है।

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