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Police & Criminal Law 5 min read • Oct 07, 2026 • 2,502 Views

हिट एंड रन (Hit and Run) नया कानून (BNS 106): दुर्घटना के बाद अस्पताल ले जाने पर कितनी राहत व भागने पर सजा

सड़क हादसे के बाद क्या करना चाहिए? भारतीय न्याय संहिता की धारा 106(2), 10 साल की सजा व ₹7 लाख जुर्माने के नियम, गुड सेमेरिटन (नेक नागरिक) कानून और राहत।

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Legal & Public Rights Desk
ShayariManch Literature Contributor
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हिट एंड रन (Hit and Run) नया कानून (BNS 106): दुर्घटना के बाद अस्पताल ले जाने पर कितनी राहत व भागने पर सजा

देश में सड़क हादसों में होने वाली मौतों को रोकने के लिए नए आपराधिक कानून (BNS) में हिट एंड रन पर बेहद कड़े प्रावधान किए गए हैं। जानिए दुर्घटना होने पर चालक के कानूनी कर्तव्य क्या हैं।

📌 मुख्य बिंदु व विशेषताएं (Key Highlights)

  • हादसे के बाद यदि चालक घायल को छोड़कर भाग जाता है और पुलिस को सूचना नहीं देता, तो धारा 106(2) BNS के तहत 10 साल तक की जेल व जुर्माना।
  • यदि चालक दुर्घटना के तुरंत बाद पुलिस या मजिस्ट्रेट को सूचना देता है और घायल को अस्पताल पहुंचाता है, तो साधारण धारा 106(1) में केवल 5 साल तक की सजा।
  • भीड़ द्वारा लिंचिंग या हिंसा की आशंका होने पर मौके पर रुकना अनिवार्य नहीं है, लेकिन निकटतम थाने पहुंचकर सूचना देना अनिवार्य है।
  • नेक नागरिक (Good Samaritan) कानून के तहत घायल की मदद करने वाले किसी भी व्यक्ति को पुलिस परेशान या गवाह नहीं बना सकती।

1. BNS 106(1) और BNS 106(2) में कानूनी अंतर

मापदंड BNS 106(1) (लापरवाही से मौत) BNS 106(2) (हिट एंड रन - भाग जाना)
चालक का आचरण हादसे के बाद पुलिस को सूचना दी या मदद की घायल को तड़पता छोड़कर मौके से फरार हो गया
सजा की अवधि अधिकतम 5 वर्ष तक का कारावास अधिकतम 10 वर्ष तक का कारावास
जुर्माना अदालत के विवेकानुसार कड़ा जुर्माना (लाखों रुपये तक)
जमानत की प्रकृति जमानती / गैर-जमानती (कोर्ट के विवेक पर) कठोर गैर-जमानती अपराध
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❓ अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

Q: क्या हिट एंड रन कानून सभी वाहनों पर लागू होता है?

A: हां, यह कानून बाइक, कार, ट्रक, बस और ट्रैक्टर सहित सभी मोटर चालकों पर समान रूप से लागू होता है।

Q: भीड़ के हमले का डर हो तो क्या करें?

A: सुरक्षित दूरी पर जाकर तुरंत 112 पर कॉल करें और नजदीकी पुलिस स्टेशन पहुंचकर अपनी गाड़ी और घटना की सूचना दर्ज कराएं।

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