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Police & Criminal Law 5 min read • Oct 07, 2026 • 2,501 Views

रेगुलर बेल (Regular Bail) बनाम अंतरिम जमानत (Interim Bail): जेल से रिहाई की कानूनी प्रक्रिया

गिरफ्तारी के बाद जेल से बाहर कैसे आएं? धारा 480 व 483 BNSS (पुरानी 437 व 439 CrPC) के नियम, बेल बांड (Bail Bond), जमानती और रिहाई की पूरी प्रक्रिया।

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Legal & Public Rights Desk
ShayariManch Literature Contributor
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रेगुलर बेल (Regular Bail) बनाम अंतरिम जमानत (Interim Bail): जेल से रिहाई की कानूनी प्रक्रिया

जब पुलिस किसी आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत (Jail) में भेज देती है, तो उसे रिहा कराने के लिए अदालत में रेगुलर बेल लगानी होती है।

📌 मुख्य बिंदु व विशेषताएं (Key Highlights)

  • मजिस्ट्रेट कोर्ट में धारा 480 BNSS और सेशन कोर्ट/हाईकोर्ट में धारा 483 BNSS के तहत रेगुलर बेल।
  • अंतरिम जमानत (Interim Bail) नियमित जमानत पर फैसला आने तक या किसी बीमारी/इमरजेंसी के लिए थोड़े समय हेतु मिलती है।
  • डिफ़ॉल्ट बेल (Default Bail - धारा 187 BNSS): 60 या 90 दिन में चार्जशीट दाखिल न होने पर आरोपी का बिना शर्त रिहाई का मौलिक अधिकार।
  • कोर्ट द्वारा जमानत मंजूर होने पर स्थानीय जमानती (Surety) और मुचलका भरकर जेल से रिहाई परवाना जारी होता है।

1. रेगुलर और अंतरिम जमानत में अंतर

मापदंड रेगुलर बेल (Regular Bail) अंतरिम जमानत (Interim Bail)
प्रकृति स्थायी जमानत (मुकदमे की समाप्ति तक) अस्थायी (कुछ दिनों या हफ्तों के लिए)
उद्देश्य जेल से पूर्ण रिहाई मेडिकल इमरजेंसी, परीक्षा या रेगुलर बेल पेंडिंग होने पर
रद्द होने का खतरा शर्तें न तोड़ने पर बनी रहती है तय समय सीमा पूरी होते ही वापस सरेंडर करना होता है
अधिकार क्षेत्र मजिस्ट्रेट, सेशन कोर्ट या हाईकोर्ट सेशन कोर्ट या हाईकोर्ट
⚖️ कानूनी परामर्श व विशेषज्ञ सहायता (Legal Assistance)
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❓ अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

Q: जमानती (Surety) के लिए क्या दस्तावेज चाहिए?

A: जमानती का आधार कार्ड, दो पासपोर्ट साइज फोटो, स्थानीय निवास प्रमाण और संपत्ति दस्तावेज (जैसे आरसी या जमाबंदी नकल)।

Q: जमानत खारिज होने पर कितने दिन बाद दोबारा अर्जी लगा सकते हैं?

A: चार्जशीट पेश होने या नए तथ्य सामने आने पर किसी भी समय उच्च न्यायालय में नई जमानत अर्जी लगाई जा सकती है।

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